नई दिल्ली : पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट में बुधवार को कई बड़े बदलाव किए। नवनियुक्त सभी मंत्रियों ने आज से काम करना भी आरंभ कर दिया है। देश का कानून यहां रहने वाले और काम करने वाले हर किसी को मानना होगा, उक्त बातें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तब कही जब उनसे ट्विटर के बारे में सवाल किया गया. उन्होंने आज इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया.
ओडिशा से सांसद अश्वनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लिया है. उन्हें आईटी के साथ-साथ रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दी गयी है. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी देने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं. अश्विनी वैष्णव आईआईटी कानपुर के छात्र रहे हैं और इन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा में 27वां स्थान प्राप्त किया था.
गौरतलब है कि नये आईटी नियमों को मानने में ट्विटर लगातार आनाकानी कर रहा है. जब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया तो ट्विटर ने एक शिकायत पदाधिकारी की नियुक्ति की थी, लेकिन उसने कुछ ही दिनों में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद से यह पद खाली है.
दिल्ली उच्च न्यायालय
हालांकि ट्विटर ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उसे एक भारतीय नागरिक शिकायत अधिकारी नियुक्त करने के लिए आठ सप्ताह की आवश्यकता है, जो नये कानून के प्रावधानों में से एक है. उसने अदालत को यह भी बताया कि वह आईटी नियमों के अनुपालन में भारत में एक संपर्क कार्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया में है. यह उनका स्थायी संपर्क कार्यालय होगा.
गौरतलब है कि पूर्व आईटी मंत्री रविशंकर ने ट्विटर पर यह आरोप लगाया था कि वह जानबूझकर नियमों का अनुपालन करने में कोताही कर रहा है.

