रायपुर, छत्तीसगढ़। दिनांक : 13 जनवरी 2026-
स्वराज मिशन डेस्क :
नववर्ष 2026 के आरम्भ के साथ ही एक ऐसा असमंजस आ गया है जिससे कि लोग संशय में हैं कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएँ कि नहीं क्योंकि इसी दिन एकादशी भी पड़ रही है।
प्रायः मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही प्रतिवर्ष मनाई जाती है लेकिन इस दिन 2026 में एकादशी तिथि भी पड़ रही है अब ऐसे में एकादशी का व्रत किया जाता है तो उसे दिन संक्रांति में दही चूड़ा और खिचड़ी का सेवन कैसे करें क्योंकि एकादशी के दिन चावल वर्जित होता है और खिचड़ी और चूड़ा चावल से ही बनता है। यह योग 19 साल बाद आया है।
प्रसिद्ध ज्योतिष गुरु पंडित नीलकंठ जोशी के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी कि संध्या 6 बजे से मनाया जाय, क्योंकि एकादशी तिथि 14 जनवरी सायं 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उसके बाद संक्रांति मनाई जाएगी।
पंडित नीलकंठ जोशी, मुंबई, महाराष्ट्र.
शास्त्र ज्ञाता स्वास्तिका पाण्डेय के अनुसार सनातन धर्म की परम्परा में गुरुवार को चावल दाल एक साथ नहीं बनाया जाता है, साथ ही 14 जनवरी को दिन भर एकादशी के कारण चावल भी वर्जित है, इसीलिए बुधवार शाम को आप खिचड़ी बना कर खा सकते हैं और मकर संक्रांति का दान आप 15 जनवरी को देवें और दही चूड़ा का सेवन करें।


