स्वराज मिशन ब्यूरो –

रायपुर, छत्तीसगढ़ – 12 जून 2025 :

दिल्ली से छत्तीसगढ़ का सम्बंध ~

यह सर्वविदित है कि प्रायः चुनाव के पूर्व विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के मेल मिलाप की खबरें देखी जाती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में मौजूदा हालात में कोई भी चुनाव नहीं हैं। भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार छत्तीसगढ़ में कार्यरत है। लेकिन गौरतलब है कि पिछले एक साल में दिल्ली से राष्ट्रीय स्तर के बहुत से राजनेताओं का छत्तीसगढ़ में लगातार प्रवास हो रहा है।

संजय विनायक जोशी का रायपुर प्रवास ~

इसी कड़ी में, भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) संजय विनायक जोशी के छत्तीसगढ़ दौरों को देखा जा रहा है, जो अक्सर रायपुर आते रहते हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ के कई नेताओं, व्यापारियों, अधिकारियों और पत्रकारों आदि के साथ उनके घनिष्ठ संबंध हैं। यह भी एक बड़ ककारण है उनके छत्तीसगढ़ प्रवास का।

आत्मीयता ~

ध्यान देने योग्य है कि उनका व्यवहार इतना आत्मीय व वाणी इतनी मृदुल है कि पक्ष और निष्पक्ष लोगों के साथ ही विपक्ष के नेता भी उनसे मिलने जाते हैं और संजय जोशी भी उतनी ही गरमजोशी से उनसे भेंट करते हैं।

आज का प्रवास ~

आज गुरुवार दिनाँक 12 जून 2025 को भी उनका छत्तीसगढ़ दौरा कार्यक्रम है। सुबह दिल्ली से रायपुर पहुंच कर वे (संजय जोशी) आज उनके करीबी दोस्त राजीव लोचन श्रीवास्तव के छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थिति निवास पर पहुंचे।

आत्मीय स्वागत ~

राजीव लोचन श्रीवास्तव के निवास स्थान पर उनके आगमन से पूर्व ही सैकड़ों लोग उनके स्वागत में खड़े थे। उनसे भेंट करने वालों में उनके समर्थकों के साथ ही कई नामचीन लोग भी वहाँ मौजूद थे।

ये ययहाँ कैसे? ~

लेकिन इसी दौरान वहाँ छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नितिन भंसाली भी उनसे(संजय जोशी से) भेंट करने पहुंचे। उनका वहाँ आना, वहाँ मौजूद लोगों को अटपटा सा लगा लेकिन संजय जोशी उनसे बड़ी ही आत्मीयता से मिले। उसके बाद बंद कमरे में उन दोनों की कुछ चर्चा हुई और फिर नितिन भंसाली वहाँ से चले गए।

इस भेंट के क्या हैं मायने? ~

अब इस कांग्रेसी नेता और भाजपा के कद्दावर नेता संजय जोशी की भेंट के क्या मायने हैं ये तो नहीं पता, ये आप सोचिए! लेकिन स्वराज मिशन के सूत्रों के अनुसार नितिन भंसाली के संजय जोशी से पुराने समय के संबंध हैं। अब यह भेंट औपचारिक थी, राजनीतिक थी, या पारस्परिक थी, यह तो नहीं पता लेकिन छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात की बातें होने लगी हैं।

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