🌹जय संतोषी माता🌹
दिनाँक:-30/05/2022 , शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
चैत्र /वैशाख
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——– अमावस्या 25:56:49 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र——— अश्विनी 20:11:36
योग————- प्रीति 15:17:31
करण——— चतुष्पद 13:23:21
करण———— नाग 25:56:49
वार———————– शनिवार
माह———————– वैशाख
चन्द्र राशि——————- मेष
सूर्य राशि——————— मेष
रितु————————- वसंत
सायन———————– ग्रीष्म
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर———————— नल
संवत्सर (उत्तर) ——————-राक्षस
विक्रम संवत————— 2079
विक्रम संवत (कर्तक)——— 2078
शाका संवत—————–1944
वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:42:16
सूर्यास्त————— 18:50:57
दिन काल————- 13:08:41
रात्री काल————- 10:50:29
चंद्रोदय————— 06:01:28
चंद्रास्त—————- 18:30:48
लग्न—- मेष 15°29′ , 15°29′
सूर्य नक्षत्र—————— भरणी
चन्द्र नक्षत्र—————– अश्विनी
नक्षत्र पाया——————- स्वर्ण
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
चे—- अश्विनी 07:22:59
चो—- अश्विनी 13:46:25
ला—- अश्विनी 20:11:36
ली—- भरणी 26:38:29
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य=मेष 15:12 भरणी , 1 ली
चन्द्र =मेष 05°23 , अश्विनी, 2 चे
बुध =वृषभ 05 ° 07′ कृतिका ‘ 3 उ
शुक्र=कुम्भ 02 °05, पू o भा o ‘ 4 दी
मंगल=कुम्भ 17°30 ‘ शतभिषा’ 4 सु
गुरु=मीन 03°30 ‘ पू o भा o, 4 दी
शनि=मकर 00°33 ‘ धनिष्ठा ‘ 3 गु
राहू=(व)वृषभ 29°10′ कृतिका , 1 अ
केतु=(व) तुला 29°10 विशाखा , 3 ते
🚩💮🚩 मुहूर्त प्रकरण 🚩💮🚩
राहू काल 08:59 – 10:38 अशुभ
यम घंटा 13:55 – 15:34 अशुभ
गुली काल 05:42 – 07: 21अशुभ
अभिजित 11:50 -12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 07:27 – 08:20 अशुभ
🚩गंड मूल 05:42 – 20:12 अशुभ
💮चोघडिया, दिन
काल 05:42 – 07:21 अशुभ
शुभ 07:21 – 08:59 शुभ
रोग 08:59 – 10:38 अशुभ
उद्वेग 10:38 – 12:17 अशुभ
चर 12:17 – 13:55 शुभ
लाभ 13:55 – 15:34 शुभ
अमृत 15:34 – 17:12 शुभ
काल 17:12 – 18:51 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
लाभ 18:51 – 20:12 शुभ
उद्वेग 20:12 – 21:34 अशुभ
शुभ 21:34 – 22:55 शुभ
अमृत 22:55 – 24:16* शुभ
चर 24:16* – 25:38* शुभ
रोग 25:38* – 26:59* अशुभ
काल 26:59* – 28:20* अशुभ
लाभ 28:20* – 29:41* शुभ
💮होरा, दिन
शनि 05:42 – 06:48
बृहस्पति 06:48 – 07:54
मंगल 07:54 – 08:59
सूर्य 08:59 – 10:05
शुक्र 10:05 – 11:11
बुध 11:11 – 12:17
चन्द्र 12:17 – 13:22
शनि 13:22 – 14:28
बृहस्पति 14:28 – 15:34
मंगल 15:34 – 16:40
सूर्य 16:40 – 17:45
शुक्र 17:45 – 18:51
🚩होरा, रात
बुध 18:51 – 19:45
चन्द्र 19:45 – 20:39
शनि 20:39 – 21:34
बृहस्पति 21:34 – 22:28
मंगल 22:28 – 23:22
सूर्य 23:22 – 24:16
शुक्र 24:16* – 25:10
बुध 25:10* – 26:05
चन्द्र 26:05* – 26:59
शनि 26:59* – 27:53
बृहस्पति 27:53* – 28:47
मंगल 28:47* – 29:41
🚩💮 उदयलग्न प्रवेशकाल 💮🚩
मेष > 04:06 से 05:56 तक
वृषभ > 05:56 से 07:46 तक
मिथुन > 07:46 से 10:01 तक
कर्क > 10:01 से 12:18 तक
सिंह > 12:18 से 14:31 तक
कन्या > 14:31 से 06:42 तक
तुला > 06:42 से 06:57 तक
वृश्चिक > 06:57 से 09:11 तक
धनु > 09:11 से 23:13 तक
मकर > 23:13 से 01:04 तक
कुम्भ > 01:04 से 02:36 तक
मीन > 02:36 से 04:06 तक
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।




