रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने अनिश्चितकाल के लिए सदन का बहिष्कार कर दिया। अपने संछिप्त बयान में उन्होंने कहा कि अब बहुत हो गया। सहने की एक सीमा है। जब तक सरकार इस मामले में मेरी स्थिति को स्पष्ट नही करती तब तक मैं सदन में उपस्थित नही होऊंगा।
यह कहते हुए सिंहदेव बाहर चले गए। इसके बाद विपक्ष ने हगांमा कर दिया। तथा आसंदी ने 10 मिनट के लिए कार्यवाई स्थगित कर दी। सिंहदेव ने कहा कि जब तक सरकार मेरे इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नही देती तब तक मैं सदन की कार्यवाही मैं नहीं आऊंगा।
स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि मेरे बारे में सब जानते हैं। मेरे संस्कार माता पिता ने दिया हैं। मैं सहनशील हूँ। कल से सुन रहा हूँ। इसके पहले गृह मंत्री साहू ने बयान दिया मगर विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ उसने कहा कि कि मंत्री एफआईआर की कॉपी पढ़ रहे हैं और इसमें दोनों विधायक बृहस्पति सिंह और मंत्री सिंहदेव के बारे में कोई भी स्पष्टीकरण नहीं है।
वहीँ नेता प्रतिपक्ष धर्म लाल कौशिक ने कहा कि गृह मंत्री ने जो वक्तव्य दिया, वो एफआईआर का वक्तव्य है। इसकी आवश्यकता नही है। गृह मंत्री सोए रहते हैं दूसरे दिन जागते हैं। दोनो पीड़ित घटना के, विधायक बृहस्पति सिंह तथा मंत्री टी एस सिंहदेव उपस्थित हैं। दोनो का वक्तव्य है। दोनो सदस्य को बोलने का अधिकार है। विधायक शिवरतन शर्मा, विधायक नारायण चंदेल, विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भी मांग रखी कि कमिटी बिठाकर जांच की जाए।
“जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, मैं इस पवित्र सदन में खुद को बैठने लायक नहीं समझता”…
भावुक शब्दों को कहते ही जैसे ही टीएस सिंहदेव सदन से बाहर निकले, तो सीधे बाहर आये और अपनी गाड़ी का इंतजार करने लगे। इस दौरान शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने उनसे कुछ बात भी की, जिसके बाद उनकी गाड़ी आयी और फिर स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव अपनी गाड़ी में बैठकर विधानसभा से बाहर निकल गये। उनके पीछे बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय की गाड़ी भी थी। इधर सिंहदेव फिलहाल सिविल लाइंस स्थित अपने बंगले में मौजूद हैं।






