कोरोना के इस संकट में आलू, प्याज और टमाटर की बढ़ती कीमतों के साथ आम आदमी की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं।

थोक एवं रिटेल कीमतों में बड़े अंतर होने के चलते भी आम आदमी की चिताएं बरकरार है। सब्जी मंडी से परचून बाजार में पहुंचते ही इन सब्जियों की कीमतें 20 रुपये प्रति किलो बढ़ जाती हैं। सिर्फ आलू और टमाटर ही नहीं बल्कि प्याज की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

आलू की बात करें तो 2014 के बाद 2020 में आलू की कीमतें काफी बढ़ी हैं। इस अंतराल के दौरान पहले कभी भी आलू के दाम इतने नहीं बढ़े थे।

सब्जी मंडी में थोक के भाव स्टोर का आलू, आगरा का आलू और हिमाचल का आलू बिक रहा है। इसी प्रकार राजस्थान व नासिक का प्याज बिक रहे हैं।

टमाटर की बात करें तो सब्जी मंडी में अधिकतर टमाटर नासिक से पहुंच रहा है। नासिक में थोक के भाव टमाटर 40 रुपये प्रति किलो चलाकर पठानकोट की सब्जी मंडी में पहुंचते 60 रुपये प्रति किलो हो जाता है।

टमाटर के क्रेट की बात करें तो सब्जी मंडी में टमाटर का क्रेट थोक के भाव 1000 से 1100 रुपये बिक रहा है।

फसल कम होने, खेतों में बारिश का पानी भरने के कारण खराब हो रही फसल के चलते एक दम से कीमतों में उछाल आया है जो मंडी में नई फसल आने तक नवंबर माह तक इस प्रकार रहेगी।

कोरोना के इस संकट में आलू प्याज और टमाटर की बढ़ती कीमतों के साथ आम आदमी की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं।
India's elevated food inflation limits scope for further rate cuts | Reuters
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