रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के माध्यम से हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। वित्त वर्ष की शुरुआत में ही 2021-22 के लिए सरकार ने कर लिया है सरकार को यह रकम लगभग सात फीसदी (6.82) ब्याज दर के साथ सात वर्षो के अंदर ही आरबीआई को लौटना होगा।
चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार ने यह पहला कर्ज लिया है। हजार करोड़ के नए कर्ज के साथ राज्य पर कर्जभार बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। हालांकि 40 हजार करोड़ रुपए पूर्व सरकार द्वारा लिए गए लोन का है। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष के पहले ही महीने में लॉकडाउन की वजह से राजस्व प्रभावित हुआ है।
यही वजह है कि राज्य सरकार को रोजमर्रा के खर्च के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने करीब 12 हजार करोड़ रुपये कर्ज लिया था। यह राशि सरकार ने पहले वित्तीय वर्ष के बाद लिया था, लेकिन इस बार पहली तिमाही में ही कर्ज लेना पड़ गया है।
वहीं कर्ज लेने को लेकर एक बार फिर विपक्षी भूपेश सरकार पर हावी हो सकती है क्योंकि वह पहले से ही कहते आई है कि सरकार के खजाने खाली हैं सरकार के पास विकास कार्य करने के लिए पैसे ही नहीं।
ऐसे में वित्त वर्ष के शुरुआत में ही कर्ज लेने को लेकर एक बार फिर विपक्षी प्रदेश सरकार को आड़े हाथों ले सकती है और इससे कहीं ना कहीं प्रदेश की सियासत फिर गरमा सकती है।

