नई दिल्ली : उत्तराखंड से बड़ी खबर सामने आ रही है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने तय कार्यकाल से पहले ही विदाई ले ली है. तीरथ सिंह रावत ने देर रात शुक्रवार को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने का काम किया. आपको बता दें कि तीरथ सिंह रावत के 115 दिन के कार्यकाल में जहां पर विवाद तो कई देखने को मिले, कुछ बयानों पर बवाल भी हुआ.
मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मुलाकात कर अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया है. अब शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की बैठक में वर्तमान विधायकों में से ही किसी को विधायक दल का नेता चुनने का काम किया जाएगा. दिल्ली से लेकर देहरादून तक दिन भर चली मुलाकातों और बैठकों के दौर के बाद रावत ने रात करीब साढ़े गयारह बजे अपने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा.
इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री रावत पत्रकारों से रू-ब-रू हुए और कहा कि उनके इस्तीफा देने का मुख्य कारण संवैधानिक संकट था, जिसमें निर्वाचन आयोग के लिए चुनाव कराना मुश्किल था. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संकट की परिस्थितियों को देखते हुए मैंने अपना इस्तीफा देना उचित समझा. रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अपने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने उन्हें उच्च पदों पर सेवा करने का मौका दिया.






