नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कोरोना वायरस (कोविड-19) रोधी टीकाकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि टीकाकरण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिये और सभी हितधारकों को मिल-जुलकर इस वर्ष के अंत तक सबको टीके लगाने का लक्ष्य पूरा करना चाहिये।
उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा
चिकित्सक दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा, ‘‘ देश की आबादी के कुछ वर्गों, खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में टीके के प्रति हिचक को दूर करने की बेहद जरूरत है। कुछ वर्गों में व्याप्त टीके के प्रति भय को भी दूर करना होगा ।’’उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान को सच्चे अर्थो में अखिल भारतीय ‘जन-आंदोलन’ में बदल देना चाहिये।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने चिकित्सा समुदाय से आग्रह किया कि वह लोगों को शिक्षित करे और उनमें जागरूकता पैदा करे, ताकि वे टीका लगवाने की अहमियत को समझ सकें।
उपराष्ट्रपति सचिवालय के बयान के अनुसार, इस अवसर पर प्रसिद्ध गुर्दा-रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्यॉर्जी एब्राहम ने चेन्नई में उन्हें अपनी पुस्तक भी भेंट की। इस पुस्तक का शीर्षक ‘मेरा मरीज मेरा भगवान – गुर्दा चिकित्सक की यात्रा’ है। उन्होंने केंद्र और राज्य से ‘टीम इंडिया’ के तौर पर साथ काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जाये। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि टीकाकरण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।







