संसद के मानसून सत्र में पेगासस(Pegasus) जासूसी विवाद और अन्य मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दल के नेता बुधवार को बैठक करेंगे। संसद परिसर में होने वाली इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे।
कांग्रेस सांसद के सुरेश ने बताया कि विपक्षी दलों ने सामूहिक रूप से पेगासस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बुधवार सुबह 10 बजे लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी दलों के नेता एक संयुक्त बैठक भी करेंगे।
जरूरी मुद्दों पर सरकार के खिलाफ एकजुट खड़ा होगा विपक्ष: खरगे
राज्यसभा के अंदर और बाहर पेगासस जासूसी, किसान आंदोलन और महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष केंद्र के खिलाफ एकजुट दिखे। विपक्ष के नेता मल्लिाकर्जुन खरगे ने कहा, सरकार कितना भी अड़ियल रवैया अपनाए हम केंद्र के खिलाफ एकजुटता से खड़े होकर जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर संसद में आवाज बुलंद करते रहेंगे।
उच्च सदन में मंगलवार को भी विपक्ष ने पेगासस, कृषि कानून, महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। सदन स्थगित होने पर मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में आनंद शर्मा, डीएमके से तिरुचि शिवा, तृणमूल कांग्रेस से सुखेंदु, सीपीआई से बिनॉय विश्वम, सीपीएम से इलेमाराम करीम, आरजेडी से मनोज झा, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और समाजवादी पार्टी से राम गोपाल यादव ने बाहर आकर अपनी बात रखी।
खरगे ने कहा, हमने पेगासस उठाया मगर सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है। आखिर सरकार क्या छिपा रही है जो पेगासस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। यह तानाशाही है, हमारे पीएम किसी मुद्दे को लोकतांत्रिक ढंग से सुलझाना ही नहीं चाहते। हम बातचीत के लिए भी तैयार हैं। सभी पार्टी के नेताओं को लेकर आप एक माहौल बनाएं हम मिलकर बात करेंगे।
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा, विपक्ष देश के लोगों से सीधे जुड़े मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब चाहता है लेकिन सदन में हमारे पक्ष को ब्लैक आउट किया जा रहा है हमारे माइक बंद कर दिए जा रहे हैं। वहीं सीपीआई सांसद बिनय विश्वम ने कहा, सदन के नियमों की अनदेखी हो रही है।

