नई दिल्ली। युद्ध और अन्याय के बीच फंसे हजारों बेगुनाहों की तस्वीरें दुनिया के सामने लाने वाले भारतीय योद्धा दानिश सिद्दीकी ने अफगानिस्तान की हिंसा में अपनी जान गवा दी दानिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करते थे। प्रतिष्ठित पुलित्जर अवार्ड से सम्मानित दानिश हर तस्वीर हजारों शब्द बिन कहे ही बोल जाया करती थी।
इससे पहले दानिश सिद्धकी 13 जुलाई को अफगानिस्तान में हुए हमले में बाल-बाल बचे थे। उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि जिस वाहन में वे सवार थे,उसे हमलावरों ने निशाना बनाया। उन्होंने लिखा था,सुरक्षित बच जाने पर मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।हमले के दौरान मैंने बख्तरबंद गाड़ी के कवच के ऊपर से टकराने वाले रॉकेट के दृश्य को कैमरे में कैद कर लिया।
गुरुवार को वह फिर अफगानिस्तान के घटनाक्रम को कवर कर रहे थे। रात कंधार में अफगानी फौज और तालिबान के बीच हुई हिंसा के दौरान उनकी मौत हो गई। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज की वापसी के बाद वहां तालिबान नियंत्रण हासिल करने की कोशिशों में जुटा है। वहीं अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ममुंडजे ने ट्वीट कर कहा कंधार में दोस्त दानिश सिद्धकी की हत्या की खबर से परेशान हूँ।
बता दे दानिश एक ऐसे फोटो जनरलिस्ट थे जिनके द्वारा खींची गई तस्वीरें हजारों शब्द बयां करती थी। दानिश ने कई यादगार तस्वीरें दुनिया के सामने पेश की हैं। इनमें दिल्ली दंगों के दौरान फायरिंग करते एक शख्स,कोरोना मृतकों की सामूहिक अंत्येष्टि, लॉकडाउन में लौटते मजदूरों और कुंभ मेले की तस्वीरें सुर्खियों में रही थी। वही रोहिंग्या शरणार्थी की तस्वीरों के लिए उन्हें पुलित्जर अवार्ड मिला था।
फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी के शव को भारत लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास अधिकारियों के संपर्क में है। बताया गया है कि तालिबान ने दानिश का शव इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस को सौंप दिया है। उनके परिवार से भी सरकार ने संपर्क बना रखा है। जांबाज दानिश तालिबान के रॉकेट हमलों के बीच जंग कवर कर रहे थे। उन्हें फोटो जर्नलिज्म के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कंधार में तालिबान के ‘अत्याचार’ की कवरेज के दौरान दानिश सिद्दीकी के मारे जाने पर शुक्रवार को गहरा दुख जताया। गनी ने एक संदेश में अफगानिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आजाद मीडिया व पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।

