महाराष्ट्र। देश में इस बार राजनीतिक गलियारे में बेहद ही उथल-पुथल देखने को मिला है जहां एक तरफ मोदी कैबिनेट के विस्तार ने लोगों को चौंका दिया तो वही धीरे-धीरे अब सभी पार्टियों के बीच दरार साफ तौर पर नजर आने लगा है। पद नहीं मिलने पर किसी ने पार्टी का साथ छोड़ा है तो किसी ने पद की लालसा में अपनी पुरानी पार्टी को हमेशा के लिए गुड बाय कह दिया।
वहीं अब इस बार बीते कई दिनों से अगला चुनाव अकेले लड़ने की बात करने वाले महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने अपने द्वारा दिए गए एक बयान में यह साफ कर दिया है कि राज्य की महा विकास अघाड़ी का पहिया अब घिस चुका है और अपने कार्यकाल तक शायद ही चल सके। क्योंकि पटोले ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार राज्य में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी सरकार का रिमोट कंट्रोल हैं।
नाना पटोले ने कहा कि 2014 में उनकी पार्टी के साथ धोखा किया गया था और वह अब उसी को ध्यान में रखकर 2024 के आम चुनाव की तैयारी कर रही है। पटोले ने यह भी कहा कि उन्हें विपक्षी भाजपा को निशाना बनाने का दायित्व दिया गया था, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी या शिवसेना को नहीं। उल्लेखनीय है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों मिलकर महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार चला रही हैं।
पटोले ने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बात करते हुए यह टिप्पणी की। यह पूछे जाने पर कि उन्हें मंगलवार को पवार के आवास पर क्यों नहीं बुलाया गया जब प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के एक समूह ने राकांपा प्रमुख से मुलाकात की, इस पर पटोले ने कहा, ‘यह बैठक राज्य सरकार और उसके समन्वय के लिए थी। यह पार्टी स्तर की बैठक नहीं थी। पवार वास्तव में इस एमवीए सरकार का रिमोट कंट्रोल हैं।
बता दे राकांपा, शिवसेना के बाद एमवीए का दूसरा सबसे बड़ा घटक है। कांग्रेस एमवीए में तीसरी भागीदार है।

