छत्तीसगढ़-प्रदेश में अब धार्मिक स्थल को खोले जाने की अनुमति मिल गयी है। कोरोना के गाइडलाइनो का पालन करते हुए भक्त धार्मिक स्थलों में प्रवेश कर सकते है।धार्मिक स्थलों में जाने से पहले श्रद्धलुओं को कोरोना से संबंधित नीति निर्देशो को ध्यान में रखना जरूरी होगा।बता दें राजधानी राजधानी के राम मंदिर , महामाया मंदिर को रविवार या सोमवार से खोला जाएगा। पुरानी बस्ती के दूधाधारी मठ को भी आम लोगों के लिए खोल दिया गया। पहले दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखी। अधिकांश मंदिरों में शाम के वक्त ही थोड़ी-बहुत चहल- पहल नजर आई। सभी मंदिरों पर गेट पर भक्तों की लाइन लगाने, उन्हें सैनिटाइज करने का बंदोबस्त किया जा रहा है। शुक्रवार रात को ही कलेक्टर ने गाइडलाइन जारी की थी। फिलहाल मंदिरों में भक्त भगवान का दर्शन और आशीर्वाद ले सकेंगे, मगर प्रसाद नहीं मिलेगा।प्रशासन के दिए निर्देशो का पालन सभी धार्मिक स्थलों में करना अनिवार्य होगा।

.जारी नीति-निर्देश

1.प्रसाद नहीं दिया जाएगा, पवित्र जल का छिड़काव नहीं होगा।
2.प्रवेश द्वार पर सैनेटाइजर और थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था करनी होगी। मंदिर में भीड़ जमा न हो ये जिम्मा मंदिर की समिति को दिया गया है।
3.बिना कोरोना लक्षण वाले लोग ही धार्मिक स्थल में प्रवेश करेंगे।
4.मंदिर के अंदर एक बार में 5 लोग को ही प्रवेश की अनुमित होगी।
5.धार्मिक स्थल के अंदर और बाहर स्थित दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।
6.धार्मिक स्थलों में बड़ी सभाएं और मंडली कार्यक्रम प्रतिबंधित रहेगा।
7.कोरोना संक्रमण के मद्देनजर प्रशासन ने कहा है कि जहां तक संभव हो रिकॉर्ड किए गए गाने ही मंदिर के अंदर बजाए जाएं।
8.प्रतिमा, धार्मिक ग्रंथों को छूने की अनुमति नहीं होगी।
