19 अअप्रैल 2022 – कबीरधाम :
कवर्धा में 22 अप्रैल को दुर्ग संभाग के हजारों कर्मचारी करेंगे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, कवर्धा का घेराव, स्वास्थ्य व्यवस्था होगी प्रभावित
कदमों में फिर से स्वास्थ्य सेवाएं!
आदोलन के कारण प्रभावित हो सकती हैं।
प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए जिले में विभाग द्वारा स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया है किन्तु जिले के कर्मचारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुजॉय मुखर्जी के तानाशाही रवैये से परेशान होकर आंदोलन करने जा रहे हैं।
स्वास्थ्य सयोजक कर्मचारी संघ छ.ग. के प्रदेश अध्यक्ष टारजन गुप्ता एवं प्रदेश सचिव प्रवीण डीडवशी ने बताया कि सीएमएचओ डॉ मुखर्जी के तानाशाही रवैये से परेशान जिले के कर्मचारीयों को बार-बार आंदोलन करना पड़ रहा है जिससे कि जिले कि स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिले में इनके विरुद्ध चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मचारीयों ने अनेक बार शिकायत किया गया है.व, जिसमें कर्मचारीयों एवं अन्य अधिकारीयों के साथ गाली गलौज, मानसिक प्रताड़ना, वेतन कटौती एवं दूर्व्यवहार जैसे शिकायतें हैं एवं पूर्व में एक कर्मचारी द्वारा आत्महत्या किए जाने पर भी इनका नाम आया था।
इतनी शिकायतों के बाद भी उच्चाधिकारीयों द्वारा संरक्षण प्रदान कर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने एवं प्रदेश सरकार के विरुद्ध बार-बार आंदोलन के लिए उकसाया जा रहा है। जिसके कारण जिले कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
गणेश जांगड़े द्वारा परामर्शदात्री बैठक में कर्मचारीयों कि समस्याओं को रखने पर वाद-विवाद किया गया एवं छोटे एवं गरीब वर्ग के कर्मचारी को देख लेने कि धमकी दिया गया। जिसके बाद द्वेष भावना से प्रेरित होकर मानसिक प्रताड़ना के उद्देश्य से औचक छापामार कार्यवाही करते हुए नोटिस दिया गया जिसका स्पष्ट रूप से सत्यता से जयान प्रस्तुत करने पर सीधे निलंबन कि एकतरफ़ कार्यवाही कि गई जो पूरी तरह से द्वेषभावना से प्रेरित प्रतीत होता है।
उक्त संबंध में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ द्वारा जिला कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों को प्रकरण से अवगत कराने के बाद भी निलंबित कर्मचारी को बहाल न करने एवं तानाशाही अधिकारी को संरक्षण प्रदान करने वाले प्रशासन के विरुद्ध कर्मचारी लामबंद हो गए है।
उक्त प्रकरण का संघ के प्रदेश कार्यकारीणी द्वारा संज्ञान में लेने हुए कर्म को बहाल करने का निवेदन किया है, बहाल नहीं करने की स्थिति में संभाग के हजारों कर्मचारीयों के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें जिले के साथ-साथ संभाग कि स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होगी एवं मुख्यमंत्री द्वारा आज़दी के अमृत महोत्सव में आयोजित स्वास्थ्य मेला भी प्रभावित होगा, इसकी संपूर्ण जवाबदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुजाय मुखर्ज की होगी।







