आपत्तिजनक भाषण देने के आरोप में कालीचरण महाराज को पुणे की अदालत से जमानत मिल गई है। महात्मा गांधी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में गिरफ्तार कालीचरण महाराज को कल पुणे की अदालत से 25 हजार रुपए की जमानत राशि पर जमानत मिल गई है।
हालांकि इस मामले में वे न्यायिक हिरासत में बने रहेंगे। कालीचरण महाराज को पुणे पुलिस वापस रायपुर, छत्तीसगढ़ भेज रही है। पुणे की एक अदालत ने कालीचरण महाराज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था।
कालीचरण महाराज को पहले रायपुर में कथित तौर पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी करने से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया था और जमानत पर छूट कर आए थे। लेकिन उन्हें एक नए मामले में पुणे अदालत ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया था।
सोमवार को महाराष्ट्र पुलिस ने रायपुर कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस की यह मांग खारिज हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार को दोबारा कोर्ट में आवेदन दिया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।
महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ टिप्पणी कर विवाद में घिरे
हिंदू धर्म गुरु कालीचरण उर्फ अभिजीत धनंजय सारंग ने 26 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्म संसद के अंतिम दिन महात्मा मोहनदास करमचंद गांधी के ख़िलाफ़ अपशब्दों का प्रयोग किया था और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे को प्रणाम किया था। इसे लेकर कालीचरण के खिलाफ महाराष्ट्र में भी केस दर्ज किया गया था।
ज्ञात हो कि शिव तांडव के गायन के पश्चात कालीचरण महाराज सुर्खियों में आए थे, लेकिन रायपुर में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द कहने के कारण वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गए। अब देखना होगा कि रायपुर से कालीचरण महाराज को बेल मिलती है या जेल। वैसे स्वराज मिशन के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो उन्हें 10 जनवरी 2022 के आसपास जमानत मिल सकती है।







