रायपुर – दिनांक : 26 दिसंबर 2021 –

दिनांक 26.12.21 को रावणभाटा ग्राउंड में आयोजित धर्मसंसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने वाले कालीचरण महाराज के विरुद्ध प्रमोद दुबे की शिकायत पर थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 578/2021 धारा 505(2), 294 IPC के तहत अपराध दर्ज़ किया गया है।

ज्ञात हो कि नीलकंठ सेवा संस्थान द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय धर्म संसद में देश के विभिन्न स्थानों से संतों का सम्मेलन हुआ था जिसे धर्म संसद का नाम दिया गया। सभी संतों ने एक सुर में सनातन धर्म की रक्षा के लिए चल रहे आंदोलन का समर्थन किया। अलग अलग वक्ताओं ने व्याख्यान दिया। छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन के विषय पर भी बड़ व्यापक रूप से चर्चा हुई। भारतीय जनता पार्टी के विधायक बृजमोहन हन अग्रवाल, सच्चिदानंद उपासने और डॉ नंद कुमार साय ने भी धर्म परिवर्तन पर गहरी चिंता जताई और इसके लिए शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।

इसी कड़ी में महाराष्ट्र से आए कालीचरण महाराज ने शिव तांडव का गायन प्रस्तुत किया। लोग मंत्रमुग्ध हो कर कर्तल ध्वनियों से उत्साहित होते हुए जयघोष कर रहे थे। लेकिन कुछ समय बाद कालीचरण महाराज ने भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गाली देते हुए देश के विभाजन का जिम्मेदार ठहराया और महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को विनम्रता पूर्वक नमन किया।

हालांकि बाद में इस कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक महंत राम सुंदर दास ने कालीचरण महाराज के वक्तव्य पर नाराजगी जताई और कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए वहां से चले गए लेकिन प्रश्न उठ रहा है कि उन्होंने उसी समय अपनी प्रतिक्रिया क्यों नहीं व्यक्त की?

ये भी सत्य है कि इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष वहां मौजूद थे और उन्होंने भी कालीचरण महाराज का विरोध नहीं किया। मुख्यमंत्री के आने की घोषणा से पहले कालीचरण महाराज वहां से जा चुके थे।

सोशल मीडिया पर भी ये मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है कदाचित जिसके कारण अब वहां मौजूद रायपुर नगर निगम के सभापति और पूर्व महापौर प्रमोद दुबे की शिकायत पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी और अपशब्दों का प्रयोग करने वाले कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन कालीचरण महाराज को कब तक गिरफ्तार करता है।

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