बिलासपुर, छत्तीसगढ़ / 23 सितंबर 2021/
शहर कांग्रेस कमेटी ने बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय को पार्टी से निष्कासित करने का प्रस्ताव रखा है। शहर कांग्रेस ने कोतवाली थाने में विधायक शैलेश पांडेय द्वारा दिए गए बयान को अनुशासनहीनता माना है। यह प्रस्ताव गुरुवार को हुई कार्यकारणी की बैठक में लिया गया।
गुरुवार को शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई जिसमें शैलेश पांडेय द्वारा दिया गया बयान छाया रहा। लोगों का कहना था कि पंकज सिंह कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं उन्हें लेकर किसी तरह की बात नहीं है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के विधायक होने के बावजूद शैलेश पांडे ने जिस तरह इस मामले में बयान दिया है वह आपत्तिजनक है, इसलिए इस पर कार्यवाही होनी चाहिए।
बैठक में शहर कांग्रेस कमेटी की 21 सदस्यीय कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पारित किया कि इस मामले में विधायक शैलेश पांडेय के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाना चाहिए। इस तरह की सिफ़ारिशों के साथ प्रस्ताव पारित किया गया है।
इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद नायक, महापौर रामशरण यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण चौहान, कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय, राजेंद्र शुक्ला, नरेंद्र बोलर सहित कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद थे।
बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ ही पार्षद और जिला पंचायत सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया था। बुधवार को हुए घटनाक्रम के सिलसिले में शहर कांग्रेस की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। यह प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाएगा। अब वहां से किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है यह तो आने वाले समय में ही सामने आएगा।

क्या है मामला?
ग़ौरतलब है कि कांग्रेस नेता पंकज सिंह के साथ सिम्स में हुए कथित विवाद को लेकर कांग्रेस विधायक शैलेश पांडेय की अगुवाई में बुधवार को कोतवाली थाने का घेराव किया गया था। इस दौरान नारेबाज़ी भी हुई थी। साथ ही पत्रकारों के सामने शैलेश पांडेय ने यह सवाल किया था कि हम हम लोग टी.एस. सिंहदेव के आदमी हैं, इसलिए चुन-चुन कर पुलिस हमें ठोंक रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि ऊपर के निर्देश पर इस तरह की अन्यायपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। उनके इस बयान की व्यापक प्रतिक्रिया हुई थी।
खैर अगर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधायक शैलेश पाण्डेय के विरुद्ध कार्रवाई करती है तो भी उनके पास एआईसीसी में अपील करने का विकल्प खुला हुआ है। लेकिन देखने योग्य है कि कुछ महीनों पहले कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह के अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव से सार्वजनिक रूप से जान का खतरा होने के आरोप लगाए जाने पर कांग्रेस पार्टी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। हालांकि उन्होंने कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद खेद प्रकट किया था। अब देखना होगा कि क्या विधायक शैलेश पाण्डेय को भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है या नहीं।
लेकिन जो भी हो एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी में फूट स्पष्ट नज़र आ रही है। अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ का सुस्त विपक्ष इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देता है?

