रायपुर, छत्तीसगढ़ – 04/09/2021 –
राजीव भवन में आज शनिवार को, मुख्यमंत्री समेत 9 मंत्रियों ने प्रेस कांफ्रेंस की। वजह थी छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी, दग्गुबती पुरंदेश्वरी का बघेल मंत्रीमंडल पर दिया गया बयान। बयान में कहा गया था कि ‘भाजपा के कार्यकर्ता अगर पीछे मुड़कर थूकेंगे, तो भूपेश बघेल का मंत्रिमंडल बह जाएगा।’
इस पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर में जो भाजपाइयों का चिंतन शिविर का आयोजित हुआ, वहाँ चिंता आदिवासियों के लिए, नक्सल समस्या के लिए नहीं थी, बल्कि उनके मुद्दे थे धर्मांतरण और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाना।
इस प्रेस कांफ्रेंस के बाद भारतीय जनता पार्टी के बहुत से वरिष्ठ नेताओं के बयान सामने आए। लेकिन आश्चर्य तब हुआ जब आम तौर पर मीडिया से दूर रहने वाले बेहद ही सौम्य और सरल व्यक्तित्व वाले भाजपा नेता डॉ नंद कुमार साय का बयान इस विषय पर आया।
डॉ नंद कुमार साय ने स्वराज मिशन से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि ये कांग्रेस पार्टी की बौखलाहट है जो सतह पर स्पष्ट नज़र आ रही है। उन्होंने कहा कि “असल में पुरंदेश्वरी जी के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। पुरंदेश्वरी जी दक्षिण भारतीय हैं और वे कहना चाहती थीं कि भाजपा के कार्यकर्ता अगर पीछे मुड़कर फूक भी देंगे तो मुख्यमंत्री बघेल के साथ पूरा मंत्रीमंडल बह जाएगा। लेकिन मानवीय चूक व दक्षिण भारतीय शैली के कारण उच्चारण में वो फूक के बजाय थूक सुनाई दाया होगा।”
डॉ साय ने आगे तर्क देते हुए कहा कि “भला थूक से कोई कैसे बह सकता है? कहावत तो यह है कि ‘फूक देंगे तो बह जाएगा’। इसलिए पुरंदेश्वरी जी के बयान को कांग्रेस पार्टी तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है।” उन्होंने कहा कि सोचने वाली बात है कि भाजपा प्रभारी का बयान इतना प्रभावशाली था कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित 9 मंत्रियों को उस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
डॉ नंद कुमार साय ने अपनी बातचीत के अंत में कहा कि असल में कांग्रेस पार्टी अपनी अंदरूनी फूट से इतनी अधिक परेशान है कि उसे कुछ सूझ ही नहीं रहा और वह मीडिया के समक्ष अपनी सक्रियता प्रदर्शित करने के लिए राई का पहाड़ बनाने में जुटी हुई है।

