छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, इसमें एक जोड़ा भी शामिल है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कमांडर राजू करम (24) और उसकी पत्नी सुनीता (21) के सिर पर आठ-आठ लाख रुपये का नकद इनाम था। दोनों ओडिशा के कालाहांडी – कंधमाल – बौध – नयागढ़ क्षेत्र और भाकपा (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समितियों में सक्रिय थे।
दंतेवाड़ा में दो नक्सलियों ने पुलिस के ‘लोन वरातू’ अभियान के तहत आत्मसमर्पण किया। इसके तहत उग्रवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जा रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि बडेगुद्र जन – मिलिशिया कमांडर लखेंद्र कुंजाम (28) और मिलिशिया सदस्य भीमा मरकाम (27) ने आत्मसमर्पण कर दिया। कुंजाम पर एक लाख रुपए का इनाम रखा गया था।
बता दें कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में एक लाख रुपए के इनामी नक्सली समेत 11 अन्य ने आत्मसमर्पण किया था। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया था कि मलंगीर एरिया कमेटी से जुड़े नक्सलियों ने मारे गए साथियों के लिए मनाए जा रहे ‘शहीद सप्ताह’ के दौरान किरंदुल पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया।
उन्होंने बताया था, सरेंडर करने वाले नक्सलियों में प्रत्येक को 10,000 रुपये की सहायता दी गई और उन्हें सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत दूसरी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जून 2020 में लोन वरातु (घर वापसी) पहल की शुरुआत के बाद से जिले में 397 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।







