छत्तीसगढ़ में इस वक्त सियासी पारा चढ़ा हुआ है। केवल निजी स्वार्थ और टीआरपी के लिए मीडिया संस्थाओं द्वारा छत्तीसगढ़ को लेकर सनसनी फैलाकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।

कुछ कांग्रेस चिंतकों की मानें तो छत्तीसगढ़ की 70 विधायकों वाली मजबूत कांग्रेस सरकार को अस्थिर बनाने के लिए कुछ मीडिया संस्थाओं द्वारा भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।

कुछ महीनों पहले से छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के फार्मूले की खबरें समय समय पर आ रही हैं। कभी स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के मंत्रीमंडल से बाहर होने की खबरें आती हैं तो कभी उनके इस्तीफ़े की। कभी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव के बीच अनबन की खबरें आती हैं तो कभी टी एस सिंहदेव के कांग्रेस छोड़ने की।

लेकिन इन बातों को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने हमेशा सिरे से खारिज किया है। दोनों ही नेताओं ने काँग्रेस पार्टी की एकता को दर्शाते हुए हमेशा कांग्रेस आलाकमान पर अपना भरोसा जताया है।

गौरतलब है कि हर मीडिया साक्षात्कार में टी एस सिंहदेव ने कहा है कि उनका परिवार पिछले 6 पीढ़ी से कांग्रेस में रह कर जनता की सेवा करने के लिए तत्पर है।

टी एस बाबा ने तो यहां तक कहा है कि जब आजादी आज़ादी के बाद भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था व्याप्त हुई तब कांग्रेस की सरकार बनी, उनका राज – पाठ छिन गया, उनकी जमीनें सीज हो गईं। अगर तब टी एस सिंहदेव के परिवार ने कांग्रेस नहीं छोड़ा तो अब तो इस बात का प्रश्न ही नहीं उठता है।

टी एस सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस उनके खून में है और वे 100 जन्म भी ले लें तब भी वे कांग्रेस की विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे।

टी एस बाबा ने अपने ट्विटर हैंडल से कहा कि कुछ मीडिया संस्थाओं द्वारा केवल अपनी टीआरपी के लिए भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है लेकिन वे अपने मनसूबे में कभी कामयाब नहीं होंगे।

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