जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस बनाने वाली इस्राइली कंपनी एनएसओ ने बुधवार को कहा कि वह अब मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं देगी।
एनएसओ पर आरोप हैं कि कई देशों ने उसके सॉफ्टवेयर का कथित तौर पर कई नेताओं, पत्रकारों, न्यायिक अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की जासूसी करने में इस्तेमाल किया है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस पर कहा, ‘एनएसओ अपनी प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग के किसी भी विश्वसनीय सबूत की पूरी तरह से जांच करेगा, जैसा कि हम हमेशा करते हैं और जहां जरूरी होगा वहां हम सिस्टम को बंद कर देंगे।’
एनएसओ के अनुसार उसके सॉफ्टवेयर का उपयोग आतंकवाद व अपराध के खिलाफ होता है।
उल्लेखनीय है कि बीते रविवार को दुनिया के 17 समाचार संस्थानों की ओर से इसे लेकर एक खुलासा किया गया था।
एनएसओ ने इसे योजनाबद्ध और अच्छी तरह से तैयार किया गया मीडिया अभियान करार दिया। कंपनी ने कहा कि इसकी अगुवाई फॉरबिडेन स्टोरीज ने की और विशेष हित वाले समूहों ने प्रसारित किया।
एनएसओ का दावा है कि यह अपने सॉफ्टवेयर का उपयोग करने की इजाजत केवल सत्यापित सरकारों को आतंकवाद को नियंत्रित करने, अपराधियों से निपटने और जन सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से देती है। कंपनी ने इस बात को लगातार नकारा है कि लीक हुआ डाटा पेगासस के टारगेट या संभावित टारगेट की सूची नहीं है।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘एनएसओ एक प्रौद्योगिकी कंपनी है। हम व्यवस्था का संचालन नहीं करते और न ही हमारे पास हमारे ग्राहकों का डाटा होता है। लेकिन, जांच के तहत वह हमारे साथ ऐसा डाटा साझा करने के लिए बाध्य हैं। हम ऐसे हर सबूत की जांच करेंगे जो विश्वसनीय होगा, जैसा कि हम हमेशा से करते आए हैं।’
गौरतलब है कि एनएसओ ग्रुप की ओर से यह बयान इस्राइली सरकार की ओर से इन आरोपों की जांच के लिए एक दल गठित करने के बाद दिया गया है। इस्राइल की सरकार ने एनएसओ ग्रुप के स्पाईवेयर पेगासस पर लग रहे दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एक वरिष्ठ अंतर-मंत्रालयी जांच दल का गठन कर दिया है।

