मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में गुरुवार रात को कुएं में फिसलकर गिरी एक बच्ची को बचाने के लिए इसकी मेड़ पर खड़े 30 से अधिक लोग अचानक मिट्टी धंसने से कुएं में गिर गए और मलबे में दब गए।
इनमें से अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है जबकि 11 लोगों की मौत हो गई। रात 10 बजे तक कुएं के मलबे से सभी 11 शव निकाल लिए गए हैं।
वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रत्येक मृतक के परिजन को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। घायलों का मुफ्त इलाज भी किया जाएगा।हालांकि, अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि कुल कितने लोग इस मलबे में दबे हैं।
यह कुआं करीब 50 फुट गहरा है और इसमें करीब 20 फुट तक पानी बताया गया है। रात डेढ़ बजे कुएं का दस फीट पानी बाहर निकालने के बाद एनडीआरएफ की टीम कुएं में उतरी। कुएं में गिरा ट्रैक्टर निकाल लिया गया।बचाव दल के सदस्यों ने पहले मशीनों की सहायता से ट्रैक्टर निकालने का प्रयास किया।
सीएम शिवराज ने मामले की जांच के आदेश देते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद की बात कही है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व सीएम कमल नाथ ने भी घटना पर ट्वीट किया है।रात पौने दो बजे दो लोगों के शव कुएं से निकाले गए। सीएम ने इस पर ट्वीट कर शोक जताया। इसके बाद दो शव और मिले।
वही विदिशा में हुए इस दर्दविदारक घटना के बाद कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाया है। गंजबासौदा से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता निशंक जैन ने कहा कि गंजबासौदा टीआई को फोन लगाया लेकिन नहीं उठाया। हादसे के तुरंत बाद अगर रेस्क्यू शुरू हो जाता तो कई लोगों की जान बच जाती। पूरे घटना के लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है।
निशंक जैन ने मृतक के परिजन को 10 लाख और नौकरी देने की मांग राज्य सरकार से की है। निशंक जैन का दावा वो पूरी रात रेस्क्यू आपरेशन के दौरान मौजूद थे।
दुसरी तरफ कांग्रेस नेता निशंक जैन के आरोप पर मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार करटे हुए कहा कि रात भर से तो दिखाई नहीं दिए। जो लोग रात भर से लगे हैं उनकी पीठ थप थापने के बजाय राजनीति कर रहे हैं।

