छत्तीसगढ़ में हर दूसरा व्यक्ति जिज्ञासु है कि, क्या कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में ढाई – ढाई साल के मुख्यमंत्री का फार्मूला लागू करेगी ?
आप किसी भी चाय की दूकान पर या किसी पुब्लिक प्लेस में बस मुख्यमंत्री बदलने के फार्मूले की बात छेड़ दीजिए और फिर देखिए, कैसे कैसे इनपुट्स सामने आते हैं. लेकिन हकीकत किसी को नहीं पता.
बस हवा हवाई बातें चल रही हैं. वैसे भी कांग्रेस की परिपाटी रही है की वो कोई भी निर्णय अचानक ही लेती है, वो भी जो बातें बाज़ार में चलती हैं उसके उलट.
क्या छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद से हटाने जा रही है? अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे बघेल ने कहा है कि यदि हाई कमान किसी और को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है तो वह इसके लिए तैयार हैं। सूत्रों के अनुसार, 10 जनपथ में बैठक के बाद बाहर निकले बघेल ने कहा कि उन्होंने हाई कमान के कहने पर ही शपथ ली थी और शीर्ष स्तर से कहे जाने पर हटने को तैयार हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मुलाकात सोनिया गांधी से नहीं, बल्कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ हुई है।
ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने की शर्त को लेकर चल रही अटकलों पर छत्तीसगढ़के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, ”हाई कमान ने मुझे शपथ (मुख्यमंत्री पद) लेने को कहा था, इसलिए मैंने लिया। जब वे कहेंगे कि कोई और मुख्यमंत्री बनेगा तो ऐसा ही होगा। इस तरह के समझौते (ढाई साल सीएम) गठबंधन सरकार में होते हैं।”
10 जनपथ के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वह अगले साल उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं।
बघेल ने कहा, ”छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पास दो-तिहाई बहुमत है। मैंने प्रियंका गांधी जी से मुलाकात की अब पीएल पुनिया जी से मिलना है। यदि हाई कमान मुझे आने वाले यूपी चुनाव में जिम्मेदारी देता है तो मैं इसके लिए तैयार हूं।” हालांकि, इस बीच छत्तीसगढ़ के प्रभारी पी एल पूनिया ने मीडिया को बताया कि कुछ साल में मुख्यमंत्री बदलने का कोई फॉर्म्यूला नहीं है।
पूनिया ने कहा, ”जैसा की भूपेश बघेल ने भी साफ किया इस तरह का कोई फॉर्म्यूला नहीं है। इस तरह के फॉर्म्यूले की कोई बात नहीं है क्योंकि कांग्रेस पार्टी के पास तीन-चौथाई बहुमत है। इस तरह की चीजें गठबंधन सरकार में होती हैं। छत्तीसगढ़ में सरकार तीन चौथाई बहुमत के साथ चल रही है।”
हालांकि स्वराज मिशन ने एक शोध किया है कि, अब तक छत्तीसगढ़ का कोई भी कांग्रेसी नेता ३ साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहा है, अब ये एक संजोग भी हो सकता है, लेकिन इतिहास तो यही कहता है !
बाकि अटकलों का बाज़ार गर्म है…
उपरोक्त सभी जानकारी सूत्रों से प्राप्त हैं, स्वराज मिशन इन जानकारियों की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं करता.

