बैंको ने पुनः निभाई औपचारिकता 833 प्रकरणों में मात्र 10 मामलों में 223500 रू . की राशि वसूलना बतायी
बेमेतरा 11 जुलाई 2021 : जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा, नेशनल लोक अदालत का आयोजन/ 11 क्लेम प्रकरणों में पारित हुए 75 लाख रू. से अधिक अवार्ड प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने निराकृत किये सर्वाधिक 09 लंबित मामले विषयः – नेशनल लोक अदालत में निराकृत हुए 433 लंबित मामले।
बैंको ने पुनः निभाई औपचारिकता 833 प्रकरणों में मात्र 10 मामलों में 223500 रू . की राशि वसूलना बतायी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा, नई दिल्ली) व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा, बिलासपुर) के निर्देशानुसार वर्ष 2021 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन कल 10 जुलाई 2021 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के पदेन अध्यक्ष जिला न्यायाधीश जयदीप विजय निमोणकर के निर्देशन में किया गया।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन
नेशनल लोक अदालत का आयोजन कल मां शारदा के सम्मुख दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया गया। नेशनल लोक अदालत में सर्वाधिक 72 लंबित मामले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगदीश राम सदस्य फहीम शरीफ अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह की खंडपीठ के द्वारा निपटाये गये। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा बताया गया कि पूरे देश की भांति बेमेतरा में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन में बेमेतरा व साजा सहित कुल 7 खण्डपीठों का गठन कर किया गया था।
इसमें बड़ी संख्या में न्यायालयों में लंबित आपराधिक व अन्य राजीनामा योग्य मामले निराकृत किये गये। प्रि – लिटिगेशन 433 मामलों में मात्र 10 मामले ही निपटे तथा 223500 राशि वसूल हो सकी। वहीं जिला न्यायाधीश जयदीप विजय निमोणकर तथा सुलहकर्ता सदस्य अधिवक्ता आनंद साहू, प्रदीप तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता की खंडपीठ द्वारा विशेष प्रयास के परिणामस्वरूप उल्लेखनीय रूप से 11 क्लेम मामालों में , 7510000 / – रू . राशि के अवार्ड पारित किये गये।
नेशनल लोक अदालत में
जिसके परिणामस्वरूप पीड़ितों ने शीघ्र मुआवजा राशि का आदेश होने पर राहत की सांस ली । इस नेशनल लोक अदालत में बैंक विभाग बेमेतरा व साजा के द्वारा 433 मामले बकाया बिल वसूली के प्रिलिटिगेशन के रूप में पेश किए गए , जिनमें 10 मामलों में 223500 / -रू वसूल किये गये। 358 लंबित मामलों में से 202 प्रकरणों का निराकरण किया गया है । कुल निराकृत 212 मामलों में 85 आपराधिक, 11 क्लेम के तथा सिविल 02 अन्य मामले 114 समझौते के आधार पर निराकृत किये गये ।
उक्त नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठों में सुलहकर्ता सदस्य अधिवक्ताओं में आनंद साहू, प्रदीप तिवारी, राहूल साहू, अरविंद चौबें, फहीम शरीफ, सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रदीप शर्मा, ललिता साहू, अमन दुबे , ताराचंद माहेश्वरी, मणिशंकर दिवाकर, विनोद राघव, गोकुल सिंह राजपूत, मनोज कुमार राजपूत उपस्थित थे, जिन्होंने पक्षकारों को सुलह – समझौते हेतु समझाइश देकर राजी कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की ।







