नई दिल्ली: सूर्य के भीतर एक बड़ा ब्लास्ट हुआ है। यह 2017 के पश्चात् से अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट है तथा नासा ने इसका वीडियो जारी किया है। इस विस्फोट के चलते 3 जुलाई को सूरज की सतह पर मजबूत सोलर फ्लेयर देखी गईं। विस्फोट के पश्चात् एक्स-रे किरणें प्रकाश की रफ़्तार से धरती की तरफ आईं तथा हमारे वायुमंडल के ऊपरी भाग से टकराईं। इसकी वजह से अटलांटिक महासागर तथा उसके तटीय इलाकों में एक शॉर्टवेव रेडियो ब्लैकआउट हुआ।
खबरों के अनुसार, यह बीते 4 में ब्रह्मांड में हुई सबसे बड़ी आतिशबाजी थी। NASA द्वारा जारी किए गए वीडियो में सूर्य के ऊपरी दाहिने भाग से बड़े स्तर पर सोलर फ्लेयर निकलती हुई देखी जा सकती हैं। सोलर फ्लेयर को सौर तूफान भी बोलते हैं, जो कि सूर्य पर बने काले धब्बों से निकलते हैं। यूएस स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर के अफसरों के मुताबिक, यह काला धब्बा रातोंरात बना था। इसे AR2838 नाम दिया गया है तथा इस घटना को X-1 क्लास प्रोग्राम माना गया है। अंतरिक्षीय घटनाओं पर दृष्टि रखने वाले खगोलशास्त्री डॉ।टोनी फिलिप्स बोलते हैं, ‘यह सनस्पॉट ऐसे बना जैसे स्पष्ट आसमान में अचानक रफ़्तार से बादल घुमड़ने लगे हों। एक दिन पूर्व तक यह सनस्पॉट अस्तित्व में नहीं था तथा ना ही ऐसी किसी सौर गतिविधि की आशा थी।’ उन्होंने Spaceweather.com पर आगे लिखा था, ‘ऐसे और सौर तूफान आने की आशंका है…’
नासा के मुताबिक, सूर्य में बने काले धब्बों से बहुत अधिक ऊर्जा निकलती है। यह ऊर्जा ज्वाला की भांति नजर आती है, जिन्हें सौर तूफान बोलते हैं। सौर तूफानों का विस्फोट होना तथा मंडल की सबसे बड़ी विस्फोटक मामलों में से एक है, जो कि कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक चलते हैं। खबरों की मानें तो AR2838 सनस्पॉट जितनी तेजी से बना था, उतनी ही रफ़्तार से लुप्त भी हो गया। 4 जुलाई को यह सनस्पॉट सूर्य के उत्तर-पश्चिमी भाग में चला गया। आने वाले 2 सप्ताहों में यह और दूर चला जाएगा।







