2016 में हुए राफेल विमान सौदे को लेकर केंद्र सरकार की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। जिस समय विमान का सौदा हुआ था उस समय भी कांग्रेस में मोदी सरकार को घेरा था वहीं अब विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार की जांच होने के बाद से एक बार फिर भारत का सियासी पारा तेज हो गया है।

भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल जंगी विमानों के सौदे को लेकर अब फ्रांस में न्यायिक जांच शुरू हो गई है। फ्रांसीसी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक जज को इस बेहद संवेदनशील सौदे की जांच का जिम्मा सौंपा है, जो सौदे में भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों की जांच करेंगे। वहीं राफेल डील की जांच को लेकर फ्रांस सरकार की ओर से जज की नियुक्ति के बाद कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रही है। राफेल डील की जेपीसी जांच कराने की मांग के बाद एक बार फिर से कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है और कहा है कि केंद्र सरकार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ एक नारा बनकर रह गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि दाढ़ी में एक नहीं, कई तिनके हैं। 

केंद्र सरकार की सबसे कड़ी आलोचना करने वाली कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आजादी के बाद से सभी केंद्र सरकारों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को एक गंभीर मुद्दा माना है और इसका राजनीतिकरण करने से परहेज किया है। लेकिन मोदी सरकार एक ऐसी सरकार है जो राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है कहकर स्वांग तो जरूर रचती है लेकिन जब बात अपने उद्योगपति मित्रों की जेब भरने की आती है तब राष्ट्रीय सुरक्षा केंद्र के लिए नारा बनकर रह जाता है। 

पवन खेड़ा ने आगे कहा कि फ्रांस में भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और पक्षपात के संबंध में राफेल सौदे की जांच शुरू किए 24 घंटे हो गए हैं, पूरा देश दिल्ली की ओर देख रहा है कि आखिर भारत सरकार अभी भी चुप क्यों है। मगर अब तक इस पर केंद्र की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राफेल क्या था? यह एक अंतर-सरकारी सौदा था। फ्रांस ने एक जांच शुरू की है। दूसरी तरफ, जांच के बारे में भूल जाओ, भारत सरकार ने एक भी टिप्पणी नहीं दी है। और यह वही सरकार है जो सिर्फ बात करने के लिए जानी जाती है। अब तक प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और कैबिनेट के अन्य सदस्य चुप हैं। 

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस चुप्पी की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जिसको पैसे मिले, जिसे लाभ हुआ वह जांच कर रहा है और जो पैसे दे रहा है उसके यहां जांच पर चुप्पी है। इस सरकार की चुप्पी से बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह बहुत शर्मनाक बात है कि चुनाव के अलावा यह सरकार कोई बात नहीं करती। 

मीडिया के सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि अगर हिम्मत है तो प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और इन सवालों का जवाब दें फिर 2024 की बात करिए। 2021 तक आपने जो कांड किए हैं, अभी हम सिर्फ उसकी बात कर रहे हैं। उन्हें तमाम हथकंडे अपनाने दीजिए, अगर इनको दाढ़ी अच्छी नहीं लगती तो यह उनकी पार्टी का इंटरनल मैटर है। उनकी दाढ़ी पर हम क्या बोलें। जो तथ्यात्मक प्रश्न हैं, उऩका कब जवाब देंगे। उनकी दाढ़ी में देश को रुचि नहीं है। देश को रुचि है कि 570 करोड़ की चीज 1670 करोड़ में क्यों खरीदी गई। 126 के बदले सिर्फ 36 क्यों खरीदे गए। भ्रष्टाचार नहीं होने चाहिए, दलाल नहीं होने चाहिए, ये क्लॉज क्यों हटा दिए। क्यों आपने पुराने एग्रीमेंट से देश के पैसे बचाने वाले अहम क्लॉज हटा दिए। इससे स्पष्ट हो जाता है कि वाकई तिनका है। एक नहीं अनेक तिनके हैं। 

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