छत्‍तीसगढ़ के 20 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा अब तक शुरू हो जानी थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते लोगों को इस सुविधा के लिए इंतजार करना होगा। बुधवार को जशपुर और सरगुजा जिले में निःशुल्क डायलिसिस केंद्र खुलने के बाद राज्य में अब तक आठ केंद्र खुल चुके हैं। इसका शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने करते हुए स्वास्थ्य मिशन को अन्य जिलों में भी जल्द डायलिसिस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

टीएस सिंहदेव ने कहा कि किडनी रोगों से ग्रस्त मरीजों को लंबे समय तक बार-बार डायलिसिस कराना पड़ता है। सुविधाओं के विस्तार से इसका लाभ लोगों को मिलेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के छह जिलों दुर्ग, कांकेर, कोरबा, बिलासपुर, महासमुंद और बीजापुर में पहले से ही निश्शुल्क डायलिसिस की सुविधा शुरू की जा चुकी है।

इन छह पुराने डायलिसिस केंद्रों में मुफ्त डायलिसिस कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 10,666 सेशन किए जा चुके हैं। इनमें से दुर्ग जिले में 3205, कांकेर में 2276, कोरबा में 1066, बिलासपुर में 1440, महासमुंद में 1947 और बीजापुर में 732 सेशन किए गए हैं।

राजधानी में सर्व सुविधायुक्त अस्पताल बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा नवा रायपुर में 25 एकड़ भूमि आरक्षित करने के फैसले का जैन संवेदना ट्रस्ट ने स्वागत किया है। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेंद्र कोचर, विजय चोपड़ा, कमल भंसाली ने मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि इस पहल से समाज के हर वर्ग को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

गंभीर बीमारी के इलाज के लिए छत्तीसगढ़वासियों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जैन संवेदना ट्रस्ट ने भी हाल ही में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान राजधानी व छत्तीसगढ़ के सकल जैन समाज की सहायता से इसी तरह के अत्याधुनिक सर्व सुविधायुक्त सौ बिस्तरों का अस्पताल निर्माण कराने की योजना प्रस्तावित की है। इसमें सभी धर्म-समाज के लोगों का इलाज न लाभ न हानि के सिद्धांत पर कराया जाएगा।

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