रायपुर, छत्तीसगढ़। दिनाँक – 16/11/2024:
बिरसा मुंडा की 150 की जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव दिवस समारोह छत्तीसगढ़ के साइंस कॉलेज में विभिन्न संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वन एवं चुनौतियां पर एक संगोष्ठी रखी गई जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता, सामाजिक संस्थाएं एवं वन विभाग को वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन एवं चुनौतियां पर चर्चा के लिए पैनल में आमंत्रित किया गया।
छत्तीसगढ़ वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पांडेय ने वन अधिकार अधिनियम एवं वनों के संरक्षण से संबंधित चर्चा की।
सेमिनार में पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने यह बताया कि वन अधिकार के क्रियान्वयन में जो भी चुनौतियां हैं, उनका मजबूती से एवं प्रभावशाली तरीके से सफलतापूर्वक सामना किया जा रहा है।
व्यक्तिगत वन अधिकारों को प्रदाय करने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। लगभग चार लाख से ज्यादा व्यक्तिगत वन अधिकार प्रदाय किया जा चुके हैं एवं सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों को प्रदाय करने में भी छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान रखता है।
अबकी बार 3800 से अधिक ग्राम सभाओं को लगभग 16000 वर्ग किलोमीटर जमीन आवंटित की जा चुकी है, क्योंकि अब केंद्र शासन के द्वारा सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों के संबंध में नियम एवं कायदे स्पष्ट कर दिए गए हैं और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समितियां के गठन की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया जा चुका है अतः अब यह प्रक्रिया छत्तीसगढ़ में तेजी से लागू की जाएगी।
इसके पूर्व ही कई उदाहरण छत्तीसगढ़ में मिले हैं जिसमें जिला धमतरी के चारगांव में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के संबंध में प्रभावपूर्ण तरीके से वनों का प्रबंध किया जा रहा हैं। इस तारतम्य में माइक्रोप्लान बना कर कार्य किया जाएगा।







