रायपुर। प्रदेश में बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें कल से बढ़ने वाली है क्योंकि कल से प्रदेश में बसों के चक्के थम जाएंगे। सरकार द्वारा बस संचालकों की मांग पर ध्यान नहीं देने के चलते अब यह कड़ा कदम उठाया जा रहा है ऐसे में रोजमर्रा के सफर पर जाने – आने वाले करीब 5 लाख यात्रियों को परेशानी होनी तय है।
जब तक बस संचालकों की मांग मानी नहीं जाती तब तक राज्य में बसें नहीं चलेंगी ऐसे में यह भी माना जा सकता है कि यह महाबंद अनिश्चितकालीन होगा।
वहीं इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के कार्यकर्ताओं का कहना है कि, कई दिनों से संघ किराया बढ़ाने के लिए मांग कर रहा था । दो सप्ताह से महासंघ के पदाधिकारी इस मुद्दे पर प्रशासन और सरकार के मंत्रियों से मुलाकात कर रहे थे , लेकिन सरकार राजी नहीं है । इसलिए मंगलवार से बसों का संचालन बंद करने का ऐलान किया है।
वही बस मालिक 13 जुलाई को बस सेवा बंद करने के बाद 14 जुलाई को जल समाधि की तैयारी है । छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक सभी संचालकों का परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं । चूंकि सरकार इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है ऐसे में उनके द्वारा सपरिवार परिवार के साथ खारुन नदी में समाधि लेने की बात कही गई।
बस मालिकों ने 14 जुलाई को 3 बजे नदी पहुंचकर जल समाधि लेने की बात कही साथ ही कहा अनहोनी होने पर इसकी पूरी जवाबदारी सरकार की होगी।

