नारायणपुर। बस्तर में एक ओर आदिवासियों के मन में कैंप के विरोध में उठ रही आक्रोश कि आग, तो वहीं दूसरी ओर नक्सलियों का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा। अबूझमाड़ के रावघाट इलाके में स्थित आमदई में निको जायसवाल लौह अयस्क की खदान के नजदीक चल रहे सड़क निर्माण स्थल पर शनिवार को 100 की संख्या में नक्सलियों ने बड़ा हमला करते हुए 8 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान वहां काम कर रहे 16 मजदूरों को नक्सलियों ने बंधक बना लिया और फील्ड सुपरवाइजर की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हालांकि 2 घंटे बाद बंधक बनाए मजदूरों को छोड़ दिया गया।
एंबुश लगाकर जवानों का इंतजार कर रहे थे नक्सली
घटना को अंजाम देने के लिए नक्सली पहले से ही जवानों का इंतजार कर रहे थे और एंबुश लगाकर बैठे थे। जैसे ही जवान नक्सलियों के जद में आए नक्सलियों ने एक के बाद एक तीन आईडी ब्लास्ट किए। यूबीजीएल व देशी लॉन्चर से भी हमला किया गया।
महज 1 किलोमीटर की दूरी होने के बाद भी समय से नहीं पहुंची पुलिस
घटनास्थल से लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित पुलिस कैंप होने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंच पाई और 2 घंटे तक नक्सली इसका फायदा उठाकर इलाके में तांडव मचाते रहे। दरअसल नारायणपुर मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर ओरछा मार्ग पर निको जायसवाल आयरन और खदान के लिए सड़क निर्माण का काम जारी है। यहां सड़क बना रहे ठेका कंपनी के दो पोकलेन समेत 6 गाड़ियों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। वही भिलाई निवासी सुपरवाइजर प्रदीप शील के दोनों हाथ पीछे की ओर बांध दिया और उसे डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।







