अहमदाबाद, गुजरात। 13 जून, 2025:
क्या हुआ?
12 जून 2025, दिन गुरुवार को भारत के इतिहास में सदैव दुःख के साथ याद किया जाएगा क्योंकि इस दिन अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

घटनाक्रम
- विमान टेक ऑफ करने के कुछ ही देर बाद घनी आबादी वाले इलाके में जा गिरा। विमान में क्रू के सदस्यों समेत कुल 242 लोक सवार थे, जिसमें 241 लोगों की मृत्यु हो गई।
- मृत व्यक्तियों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी शामिल हैं। लंदन जा रहे हैं बोइंग के 787 – 8 विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कैनेडाई नागरिक भी सवार थे।
- हादसे में केवल एक ब्रिटिश नागरिक, जिसका नाम विश्वास कुमार रमेश है, वही सुरक्षित बचे, जबकि उनके भाई जो इस विमान में थे उनकी मौत हो गई।

- विमान के क्रैश होने की वजह अभी तक सबके सामने नहीं आई है। इसके साथ ही हादसे में कुल कितने लोगों की जान गई है इसकी पूरी तरह से पुष्टि भी नहीं हो पाई है क्योंकि विमान जिस घनी आबादी के क्षेत्र में हॉस्पिटल की बिल्डिंग से टकराया वहां भी बहुत से लोगों के मृत होने की आशंका है।

- चारों ओर लाशें ही लाशें हैं और सूत्रों के अनुसार पूरे इलाके में बहुत बदबू आ रही है। सरकार ने कहा है कि सभी लाशों की डीएनए जांच होगी और उसके बाद उनके परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा।

भाग्य का खेल और ईश्वर का आशीर्वाद
लेकिन इसी विमान में यात्रा करने वाली एक लड़की, भूमि चौहान की जान हवाईअड्डे पहुंचने में लेट होने के कारण बच गई। जी हां! भूमि चौहान भी इसी विमान से अहमदाबाद से लंदन जाने वाली थीं। एयर इंडिया के स्टाफ और उनके बीच बहुत सी बातें हुईं क्योंकि वह एयरपोर्ट 10 मिनट लेट पहुंचीं। लेट होने का कारण अहमदाबाद शहर के ट्रैफिक को बताया गया।

क्या कहा भूमि ने?
उन्होंने कहा कि, “हम अहमदाबाद सही समय पर पहुंचे थे, लेकिन शहर में ट्रैफिक की वजह से मैं एयरपोर्ट 10 मिनट की देरी से पहुंची। मुझे एयरपोर्ट के अंदर घुसने नहीं दिया गया। पहले तो मैं बहुत दुखी हुई कि मेर मेरे टिकट के पैसे बर्बाद हुए और शायद मेरी नौकरी भी चली जाएगी, लेकिन अब मैं ईश्वर का धन्यवाद करना चाहती हूं कि मेरे पैसे ही भले ही चले गए, लेकिन मेरी जान बच गई।”
एयरलाइन्स के लोगों से नोकझोंक
उन्होंने बताया कि एयर इंडिया के सपोर्ट स्टाफ ने उनसे कहा कि वह लेट हैं, इमीग्रेशन हो गया था और बोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई थी, इसीलिए वह फ्लाइट में चढ़ नहीं सकतीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बहुत मन्नतें की लेकिन किसी ने कोई नहीं सुनी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नौकरी का सवाल है तो भी किसी ने नहीं सुना और ना ही किसी ने उनके टिकट के पैसे वापस करने की दरखास्त सुनी।
ईश्वर की कृपा
लेकिन इन सब बातों से तो यही साबित होता है कि अगर ईश्वर की कृपा है और आपकी मृत्यु का समय अभी नहीं आया है तो आप किसी भी प्रकार से बचेंगे। ऐसी परिस्थितियों का निर्माण हो जाएगा कि स्वयं ही आपकी जान बच जाएगी। इसलिए कहते हैं कि जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय।

