रायपुर, छत्तीसगढ़ / 16 अप्रैल 2025 –
वर्ष 2023 के अंत में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हुए। 03 दिसम्बर को नतीजे आए। भाजपा की 54 सीटों वाली सरकार बनी। कई बैठकों के मंथन के बाद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों का चयन किया गया। 11 मंत्री बने। सरकार ने बजट के अभाव में अपना कार्य प्रारंभ किया।
छ: माह बाद एक मंत्री सांसद चुनाव जीतकर सांसद बन दिल्ली चले गए। लेकिन 15 माह बाद भी प्रदेश इसी प्रतीक्षा में है कि छत्तीसगढ़ का मंत्रीमंडल विस्तार कब तक होगा? कब तक नए मंत्री प्रदेश को मिलेंगे? लेकिन इस मामले में केवल तारीख पर तारीख मिल रही है। कोई ठोस बात सामने नहीं आई है। लोग केवल कयास लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के सामने, छत्तीसगढ़ के मंत्रीमंडल के विस्तार से अधिक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। उधर भाजपा के लिए नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की खोज की जा रही है, जोकि संघ की स्वीकृति के बिना मुमकिन नहीं है। लेकिन क्या संघ की पसंद भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को पसंद आएगा?
इधर छत्तीसगढ़ में मंत्री बनने के लिए तगड़ा कॉम्पिटिशन है। कई प्रतिस्पर्धियों में लड़ाई है। कई लोग पूजा-पाठ, हवन-पूजन आदि भी निरंतर कर रहे हैं। कुछ तो लगातार दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन जैकपॉट किसके भाग्य में है, यह तो भविष्य के गर्भ में छुपा है। सूत्रों के अनुसार बचे हुए 3 मंत्रियों के अलावा कुछ और मंत्री भी बदले जा सकते हैं। मतलब रीशफल। तो ऐसी स्थिति में किसी का पत्ता भी कट सकता है। वैसे भी सुशासन तिहार में कुछ मंत्रियों को हटाने की मांग हो रही है।
एक संभावना यह भी है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी स्वीकृति से नए मंत्री बने। कुल मिलाकर जब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो जाता है इसी प्रकार से चर्चाओं का बाजार गर्म रहेगा और तब तक लोग कयास लगाते रहेंगे, अनुमान लगाते रहेंगे और खबरें बनती रहेगी।
लेकिन डेढ़ साल बाद जो भी मंत्री संबंधित विभाग को संभालेगा उसे अगले साढ़े साल का काम 2 साल में ही करना पड़ेगा क्योंकि अंत के 6 महीने अगले चुनाव की तैयारी में ही चले जाते हैं। जो भी हो छत्तीसगढ़ सरकार के लिए आने वाले साढ़े तीन साल बहुत ही चैलेंजिंग होने वाले हैं।


