भोपाल ब्यूरो – 25 जनवरी 2023 –

आज पूरे देश में चमत्कारों को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे चमत्कार का रुप दे रहे हैं तो कुछ कह रहे हैं कि ये कोई ट्रिक है। बागेश्वर धाम सरकार, धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों काफी चर्चा में हैं। वे अपने दरबार में अनजान लोगों के नाम के पर्चे निकाल कर उन्हें उनकी परेशानी के बारे में बताते हैं और साथ ही उनके इलाज भी बता देते हैं। इतना ही उन्होंने तो मंच पर बुलाकर कुछ पत्रकारों को भी अपनी सिद्धियों का कुछ अंश दिखाया और पत्रकारों ने भी जयकारे लगाए व आशीर्वाद लिया।

इन सब चमत्कारों को लेकर पूरे देश में कुछ लोग इसे अंधविश्वास का नाम दे रहे हैं तो कुछ लोग माइंड रीडिंग का। लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ कि सबकी बोलती बंद हो गई। इस बार चर्चा में हैं बागेश्वर धाम सरकार, धीरेंद्र शास्त्री के गुरु पद्म विभूषण जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य।

बात है भोपाल की जहां पद्म विभूषण जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी राम कथा कह रहे हैं। भोपाल स्थिति भेल, दशहरा मैदान, गोविंदपुरा में जगतगुरु की 23 जनवरी से 31 जनवरी तक राम कथा चल रही है। इसी बीच कल 25 तारीख बुधवार को कुछ ऐसा हुआ कि लोग स्तब्ध रह गए। मौसम विभाग ने भोपाल में बारिश होने का अनुमान लगाया था। शाम को कुछ 5:30 बजे के आसपास बारिश होने के आसार नजर आने लगे। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार बारिश शुरू भी हो गई।

लेकिन तभी कुछ अद्भुत और आश्चर्यजनक हुआ। जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी को आभास हो गया कि बारिश होने लगी जिस पर उन्होंने सबके समक्ष कहा कि आज तो इंद्र को भी मेरा आदेश मानना होगा और कहा कि बारिश बंद हो जाए। गुरुदेव के इतना कहते ही बारिश तत्काल प्रभाव से बंद हो गई। गुरुदेव के इस चमत्कार को देखते ही दो पल के लिए सन्नाटा छा गया और फिर जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। इतना ही नहीं जगतगुरु के कार्यक्रम के बाद बारिश पुनः शुरू हो गई। अब इसे आप क्या कहेंगे?

अब जो अधर्मी लोग धर्म का मजाक उड़ा रहे थे और आध्यात्मिक शक्तियों व सिद्धियों की अवहेलना कर रहे थे, उनकी जबान पर ताले लग गए हैं। स्वराज मिशन के प्रबंध संपादक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा है कि उनके गुरुदेव चित्रकूट तुलसीपीठ के पीठाधीश्वर, पद्म विभूषण जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी स्वयं ब्रम्ह हैं और महाज्ञानी हैं। धर्म, धारण करने की वस्तु है और आस्था पर किसी को भी प्रश्न नहीं उठाना चाहिए।

पद्म विभूषण जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य
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